सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा यह सघन सुपोषण ट्रैकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
हमारा मुख्य उद्देश्य जन्म से 6 वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर की नियमित निगरानी करना, उन्हें आंगनबाड़ी के माध्यम से उचित पूरक आहार उपलब्ध कराना, और विशेषकर गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों को समय पर NRC या सी-मैम कार्यक्रम में रेफर कर उनके जीवन और भविष्य को सुरक्षित करना है।
आंगनबाड़ी केंद्रों, NRC और सी-मैम कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में हो रहा चमत्कारी सुधार
हम इन चार मुख्य कार्यप्रणालियों के माध्यम से कुपोषण के खिलाफ काम कर रहे हैं:
प्रत्येक माह आंगनबाड़ी केंद्रों में 0 से 6 वर्ष के बच्चों का डिजिटल वजन मशीनों और ऊंचाई मापक उपकरणों से सटीक शारीरिक मापन दर्ज करना।
दर्ज डेटा के आधार पर डब्ल्यूएचओ (WHO) के मानकों के अनुसार बच्चों का सामान्य, मध्यम (MAM) और अति-गंभीर (SAM) श्रेणियों में त्वरित ऑटो-वर्गीकरण।
SAM बच्चों को तुरंत पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में भर्ती करना तथा MAM बच्चों को सी-मैम (C-MAM) कार्यक्रम के तहत विशेष पोषक आहार प्रदान करना।
ग्राम स्तर पर 'सुपोषण चौपाल' और गृह-भेंट के माध्यम से माताओं को शिशु आहार, स्वच्छता और संतुलित पोषण के प्रति जागरूक करना।
आइये, सारंगढ़-बिलाईगढ़ को कुपोषण मुक्त बनाने के इस अभियान में अपना योगदान दें। आज ही संकल्प लें और अपना ई-प्रमाणपत्र प्राप्त करें।